लालकुआं में मेडिकल बंदी का असर, मरीजों को उठानी पड़ी परेशानी , दवा दुकानों की हड़ताल से मरीज हुए परेशान, 38 मेडिकल स्टोर व 3 औषधि केंद्र में जड़ा रहा ताला

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लालकुआं। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के आह्वान तथा उत्तराखण्ड औषधि व्यवसायी महासंघ के निर्देश पर लालकुआं क्षेत्र के दवा व्यापारियों ने बुधवार को मेडिकल स्टोर बंद रखकर विरोध जताया। जीएसआर 817, जीएसआर 220 तथा कॉर्पोरेट कंपनियों द्वारा दवाओं पर दिए जा रहे भारी डिस्काउंट कानून के विरुद्ध बंद का असर दिखा ।

बंद के दौरान लालकुआं क्षेत्र के 38 मेडिकल स्टोर और 3 औषधि केंद्रों में ताला जड़ा रहा, जिससे दवा लेने पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई लोग जरूरी दवाओं के लिए बाजार में इधर-उधर भटकते दिखाई दिए। विशेषकर बुजुर्ग मरीजों और बच्चों के परिजनों को अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
केमिस्ट क्लब जिला अध्यक्ष राजकुमार सेतिया ने कहा कि जीएसआर 817 एवं जीएसआर 220 जैसे प्रावधान छोटे और मध्यम दवा व्यापारियों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। उनका कहना था कि बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियां भारी छूट देकर स्थानीय मेडिकल स्टोर संचालकों के व्यवसाय पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही हैं, जिससे छोटे व्यापारियों का अस्तित्व खतरे में पड़ता जा रहा है।
दवा व्यापारियों ने सरकार से मांग की कि छोटे व्यवसायियों के हितों की रक्षा के लिए नियमों में आवश्यक संशोधन किए जाएं तथा कॉर्पोरेट सेक्टर की मनमानी पर रोक लगाई जाए। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

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