हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को आईटीसी फॉर्च्यून, हल्द्वानी में कुमाऊं मंडल के व्यापारियों, उद्योग प्रतिनिधियों एवं विभिन्न व्यापार मंडलों के पदाधिकारियों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने व्यापारियों की समस्याएं और सुझाव सुने तथा उनके समाधान के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
संवाद में व्यापारियों ने जीएसटी प्रक्रियाओं के सरलीकरण, मंडी शुल्क, अतिक्रमण एवं पार्किंग, लीज नवीनीकरण, औद्योगिक क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार, स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने जैसे मुद्दे मुख्यमंत्री के समक्ष रखे।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि व्यापारी और उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। छोटे दुकानदार से लेकर बड़े उद्यमी तक प्रदेश की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भागीदार हैं। सरकार व्यापारियों एवं उद्यमियों के हितों के प्रति संवेदनशील है और सुरक्षित, पारदर्शी तथा सरल व्यावसायिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि कोविड जैसे कठिन समय में भी किराना एवं रिटेल व्यापारियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों तक आवश्यक वस्तुएं पहुंचाईं। व्यापारी वर्ग ने संकट के समय सामाजिक जिम्मेदारी निभाकर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका साबित की। उन्होंने व्यापारियों को “ब्रांड इंडिया” का सच्चा राजदूत बताया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को सरल बनाने के लिए “निवेश मित्र” व्यवस्था तथा सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत किया गया है। वर्तमान में २६ प्रमुख विभागों की २०६ से अधिक सेवाएं सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध हैं। इन्वेस्टर्स समिट के सुझावों के आधार पर राज्य में ३० से अधिक नीतियां तैयार की गई हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में उत्तराखंड में २९ हजार से अधिक नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित हुई हैं, जिनसे लगभग १.२७ लाख युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। सरकार का उद्देश्य उद्योगों के लिए बाधा नहीं, बल्कि सहयोगी और भागीदार बनना है।
धामी ने कहा कि युवाओं को रोजगार देने वाला बनाने के लिए उत्तराखंड स्टार्टअप नीति लागू की गई है और २०० करोड़ रुपये का वेंचर फंड स्थापित किया गया है। पर्वतीय क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक पार्कों हेतु भूमि चिन्हित की गई है।
मुख्यमंत्री ने स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक शिल्प को बाजार उपलब्ध कराने के लिए “वन डिस्ट्रिक्ट, टू प्रोडक्ट” जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि “मेड इन उत्तराखंड” को देश-दुनिया में मजबूत ब्रांड के रूप में स्थापित करना सरकार का लक्ष्य है।
उन्होंने व्यापारियों एवं उद्योग प्रतिनिधियों से प्रदेश में निवेश और व्यापारिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा, “आप व्यापार बढ़ाइए, सरकार आपके साथ खड़ी है।” उन्होंने कहा कि व्यापार और उद्योग जगत की सहभागिता से विकसित उत्तराखंड का संकल्प साकार होगा और प्रदेश विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट, श्री राम सिंह कैड़ा, नवीन लाल वर्मा, डॉ. अनिल कपूर ‘डब्बू’, शंकर कोरंगा, हुकुम सिंह कुंवर सहित अनेक व्यापार एवं उद्योग प्रतिनिधि मौजूद रहे। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी., मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार पाण्डे तथा जीएसटी, उद्योग, सिडकुल एवं अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे। संचालन अपर सचिव मनमोहन मैनाली ने किया।




