लालकुआं  जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी  कांफ्रेंस आयोजित, अमन और भाईचारे का दिया पैगाम

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लालकुआं। जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर  जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी कांफ्रेंस का आयोजन अकीदत और एहतराम के साथ किया गया। कांफ्रेंस में नातिया कलाम-ए-मोहम्मदी ﷺ, शायरी, कलिमात और तकरीर पेश की गईं।
उलमा-ए-किराम और खतीब ने नबी-ए-करीम हजरत मुहम्मद ﷺ की सीरत-ए-पाक, अखलाक, अमन, मोहब्बत और भाईचारे के पैगाम पर विस्तार से रोशनी डाली। नातख्वानों ने बारगाह-ए-रिसालत ﷺ में नजराना-ए-अकीदत पेश किया, जिसे सुनकर अकीदतमंदों ने खूब दाद दी।
कांफ्रेंस में बड़ी तादाद में लोगों ने शिरकत की। वक्ताओं ने कहा कि नबी-ए-करीम ﷺ की तालीमात पर अमल करते हुए समाज में मोहब्बत, अमन, भाईचारे और आपसी सौहार्द को बढ़ावा देना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से नेक रास्ते पर चलने और समाज में शांति व सद्भाव बनाए रखने का आह्वान किया।
कांफ्रेंस में खलीफा-ए-अदनान मियां, मुफ्ती अहमद रज़ा मंज़री, हजरत आजम इकबाल, नूर अली नूर , मौलाना जफर बज्मी, मुफ्ती वासिफ रज़ा, मौलाना अब्दुल हफीज, कारी चमन, मौलाना नाज़िर रज़ा कादरी और मौलाना हसीन रज़ा , हाफिज फईम  रजा सहित दर्जनों उलमा-ए-किराम ने शिरकत की।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में कमेटी के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और सभी व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराया। कार्यक्रम के अंत में मुल्क और कौम की सलामती, अमन, खुशहाली और तरक्की के लिए विशेष दुआ की गई।
नबी ﷺ के रास्ते पर चलने एवं पाबंदी से नमाज़ पढ़ने का आह्वान
लालकुआं। जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी ﷺ कांफ्रेंस में उलेमा-ए-किराम ने नबी-ए-करीम हज़रत मुहम्मद ﷺ की शिक्षाओं और सुन्नतों पर अमल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मुसलमान अपनी जिंदगी को नबी ﷺ के बताए रास्ते के मुताबिक ढालें और नमाज़ की पाबंदी करें। साथ ही बच्चों को दीनी तालीम दिलाने तथा समाज में अमन, भाईचारा और मोहब्बत का माहौल कायम रखने का आह्वान किया।

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