विधायक डॉ. मोहन बिष्ट के ‘नालायक’ और बिना पेंदे के लोटे वाले बयान पर भाकपा माले का हमला
विमला पाल बोलीं—जनता का अपमान भाजपा के तानाशाही नजरिये को करता है उजागर, विधायक सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करें
लालकुआं। लालकुआं विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट द्वारा एक वीडियो में जनता और प्रदर्शनकारियों के लिए कथित तौर पर ‘नालायक’ तथा ‘बिना पेंदे के लोटे’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किए जाने को लेकर भाकपा माले ने कड़ी आपत्ति जताई है। भाकपा माले राज्य कमेटी सदस्य कामरेड विमला पाल और बिन्दुखत्ता एरिया कमेटी सचिव पुष्कर दुबड़िया ने संयुक्त प्रेस बयान जारी कर विधायक के कथित बयान की कड़ी निंदा की।
नेता द्वय ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से सरकार अथवा विधायक की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करना जनता का संवैधानिक अधिकार है। ऐसे आंदोलनों में शामिल लोगों को सार्वजनिक रूप से अपमानजनक शब्दों से संबोधित करना न केवल आपत्तिजनक है, बल्कि जनप्रतिनिधि के पद की गरिमा के भी विपरीत है।
विमला पाल ने कहा कि जिस जनता ने डॉ. मोहन सिंह बिष्ट को क्षेत्र की समस्याओं और जनहित के मुद्दों को विधानसभा में उठाने तथा जनता के हितों एवं सम्मान की रक्षा करने के लिए अपना प्रतिनिधि चुना है, उसी जनता के लिए कथित तौर पर इस तरह की भाषा का इस्तेमाल बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि विधायक की आवाज में सामने आया यह कथित बयान भाजपा के जनता के प्रति तानाशाहीपूर्ण नजरिये को उजागर करता है। जनता अपने सवालों और समस्याओं को लेकर सरकार तथा जनप्रतिनिधियों से जवाब मांग सकती है। विरोध और असहमति लोकतंत्र का हिस्सा हैं, उन्हें अपमानजनक शब्दों से दबाया नहीं जा सकता।
भाकपा माले नेताओं ने कहा कि जनता ने अपने प्रतिनिधि को क्षेत्र की समस्याओं और जनहित के मुद्दों को विधानसभा में उठाने के लिए चुना है, न कि जनता के बीच अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने के लिए। सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति को अपनी भाषा की मर्यादा का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के सम्मान का मखौल उड़ाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि जनता किसी की गुलाम नहीं है और जनप्रतिनिधि जनता के सेवक के रूप में चुने जाते हैं।
भाकपा माले नेताओं ने विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट के कथित बयान की कड़ी निंदा करते हुए उनसे अपने बयान पर स्थिति स्पष्ट करने और सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता अपने सम्मान और अधिकारों के प्रति जागरूक है और आने वाले दिनों में लोकतांत्रिक तरीके से इसका माकूल जवाब देगी।
इस अवसर पर भाकपा माले के नैन सिंह कोरंगा, कमल जोशी, चन्दन राम, निर्मला शाही, आनन्द सिंह दानू, हरीशचंद्र सिंह भण्डारी आदि मौजूद रहे।
भाकपा माले राज्य कमेटी सदस्य कामरेड विमला पाल द्वारा जारी।
